sri lanka

सुरंग के अंत में प्रकाश

लिट्टे के साथ लगभग तीन दशक से अधिक लम्बे युद्ध के सफलतापूर्ण समापन के पश्चात् आज श्रीलंका सामान्य एवं शांतिपूर्ण जीवन व्यतीत कर रहा है | इसका स्पष्ट प्रमाण आज वहां के नागरिकों के व्यक्तिगत एवं सामाजिक जीवन के हर पहलु में स्पष्ट रूप से झलकता हे | श्रीलंकाई सरकार के संबंध वहां के राज्यों और विभिन्न समूहों के साथ सामंजस्यपूर्णहो रहे है |सामान्य स्थितियां एवं शांति किसी भी राष्ट्र की आर्थिक गतिविधियों और विकास के लिए अतिमहत्वपूर्ण अवयव हैं | पिछले पांच वर्ष से स्थापित शांतिपूर्ण वातावरण ने श्रीलंका सरकार को सकल घरेलु उत्पाद में वृद्धि, औद्योगिक उत्पादन में बढावा, विदेशी निवेश को आकर्षित करने में एवं अंतरराष्ट्रीयव्यापार में भागीदारी करने में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की है | वहां के सभी राजनीतिक दल और उनके नेता आज अपने अलग-अलग  दृष्टिकोण के बाबजूद बिना किसी खतरे के सामान्य गतिविधियों के संचालन करने में सक्षम है |    इसलिए वहां लोकतंत्र कामयाब हो रहा है |

संघर्ष विराम के साथ श्रीलंका त्वरित आर्थिक विकास की ओर उन्मुख है | सकल घरेलु उत्पाद की दर वर्ष 2009 में 3.5 % से बढ़ कर वर्ष 2011 में 8.3 % हो गयी | तब से विकास दर भी मजबूती के साथ7 % से अधिक बनी हुई है | इसी के साथ गत वर्षों में श्रीलंका में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में निरंतर वृद्धि हुई है | वर्ष 2013 में श्रीलंका में 1.2 अरब डॉलर का विदेशी निवेश हुआ है, जबकि वर्ष 2014 में वहां की सरकार ने 2 अरब डॉलर के विदेशी निवेश का लक्ष्य निर्धारित किया है | पिछले 3 वर्षों से श्रीलंका की औद्योगिक विकास की दर लगभग 10 % है | इस बढ़ते निवेश के कारण आर्थिक स्तर पर व्यापक काफी सुधर हुआ है, खासकर कि संघर्ष प्रभावित क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओंमें विस्तार हुआ है एवं नए सिरे से आर्थिक सुधार किये गए है |

परन्तु किसी को यह धारणा नहीं बनानी चाहिए कि हिंसा के द्वारा समस्याओं का समाधान स्वतः मिल जाता है |वहां विभिन्न अंतर्निहित परस्पर विरोधी दृष्टिकोण और राजनीतिक आकांक्षाएं,  सरकार और ईलम के लिए लड़ रहे अलगाववादी संगठनों के बीच भयानक युद्ध के लिए जिम्मेदार थी | श्रीलंका में सिंहली एवं तमिल जातियां इस हिंसा के कारण बुरी तरह प्रभावित हुई थीं | वर्ष 2000 से 2009 के बीच श्रीलंका में हिंसा के कारण मरने वाले नागरिको की संख्या लगभग 13500 थी | इसके अलावा इस अवधि में लगभग 5000 से अधिक सैनिकों एवं 22500 उग्रवादियों को अपने जान गवानी पड़ी | लेकिन श्रीलंकाई समाज शांति के मूल्य को भलीभांति समझाता है एवं स्थायी शांति के लिए विभिन्न विवादास्पत मुद्दों के अंतरिम समाधान को महत्वपूर्ण मानता है | जोकि राष्ट्र के निरंतर विकास के लिए अतिआवश्यक भी है | राष्ट्रपति, महेन्दा राजपक्षे के नेतृत्व में श्रीलंकाई सरकार, विपक्षी दल, तमिल नेशनल अलायन्स एवं अन्य नेताओं ने इस लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है |

युद्ध के पश्चात् श्रीलंका एक सराहनीय चुनावी प्रक्रिया से गुज़रा है | उत्तरी प्रांत के मुख्यमंत्री सहित तमिल नेशनल एलायंस के नेताओं को उनके प्रतिद्वंद्वियों द्वारा भी मजबूत और उचित नेताओं के रूप में देखा जाता है| तमिल नेताओं ने जनता से किये वादों को यूनाइटेड श्रीलंका की रूपरेखा के भीतर पूरा करने की मांग की है | इसके लिए एक संसदीय चयन समिति का गठन किया गया है परन्तु मुद्दों के अंतरिम समाधान के लिए सरकार की गंभीरता एवं प्रतिबद्धता को लेकर सरकार एवं तमिल नेशनल अलायन्स के बीच विश्वास का आभाव है | अतः वहां कुछ समय से गतिरोध की स्थिति है | महिंदा राजपक्षे को तमिल नेशनल अलायन्स एवं अन्य नेताओं की आशंका को समाप्त करने के लिए समाधान प्रक्रिया के लिए विशिष्ट दिशानिर्देश तय करने की पहल करनी चाहिए | गतिरोध की समाप्ति के लिए बहस एवं तर्क के स्थान पर सरकार की ओर से उचित कदम उठाने की आवश्यकता है | शांति बहाली एवं क्षेत्र के समुचित विकास के लिए लम्बे समय से लंबित तमिल समस्याओं का संगठित श्रीलंका के ढांचे के अंतर्गत स्थायी समाधान आवश्यक है | उत्तरी क्षेत्र से सेना की वापसी समेत जमीनी विवाद, मुख्यमंत्री को प्रशासनिक सहायता, पुलिस अधिकार आदि मुद्दे समझौता समाधान प्रक्रिया का हिस्सा होना चाहिए | देश के ऊपरी क्षेत्र में रहने वाले तमिलों के सामाजिक – आर्थिक उत्थान के लिए मापदंड निर्धारित किये जाने चाहिए, जोकि श्रीलंका की वन्य अर्थव्यवस्था में सहायक हैं |

भारत, श्रीलंका का एक विशिष्ट पड़ोसी एवं सांस्कृतिक भागीदार है |पूरे उप महाद्वीप की सुरक्षा की प्रमुख हिस्सेदारी के साथ भारत, श्रीलंका में विभिन्न गुटों के बीच सहज बातचीत की प्रक्रिया में और स्थायी रूप से समस्या को हल करने के लिए मदद करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है |सांस्कृतिकसंबंधों के चलते दोनों देशों के मध्य पिछले कुछ कड़वे अनुभवों के बावजूद भी सद्दभावना एवं पारस्परिक विश्वास समाप्त नहीं हुआ है | भारत में स्पष्ट जनादेश के साथ नरेन्द्र भाई मोदीके नेतृत्व में सरकार के गठन के पश्चात् श्रीलंका के नागरिको की अपेक्षाएं विविध रूप से बढ़ी हैं |नरेन्द्र भाई मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में दक्षेस के नेताओं को दिल्ली आमंत्रित करने की खुद नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री द्वारा की गयी पहल, तमिल नेशनल अलायन्स के नेता जो की सत्ता के अधिकारों के हस्तानान्तरण के समाधान के लिए संघर्षरत हैं के साथ दिल्ली में बैठक और हाल ही में संयुक्तराष्ट्र महासभा में श्रीलंका के राष्ट्रपति के साथ बैठक, श्रीलंकाई मुद्दों पर भारत सरकार की गंभीरता को दर्शाती हैं | श्रीलंकाई नौसेना द्वारा तमिल मछुआरों के श्रीलंकाई सीमा में प्रवेश करने पर हत्या और गिरफ़्तारी का क्रम तमिलनाडु के नागरिकों में पिछले कई वर्षों से एक चिंता का विषय बना हुआ है | जब से नरेन्द्र भाई मोदी के नेतृत्व वाली सरकार सत्ता में आई है तब से तमिलनाडु के मछुआरों की हत्या रुकी है और श्रीलंका की सरकार द्वारा तमिल मछुआरों की रिहाई की प्रक्रिया अतिसक्रियरूप से क्रियान्वित हुई है | परन्तु अभी भी कुछ मछुआरे श्रीलंका की हिरासत में हैं | श्रीलंकाई सरकार को कार्यवाही के दौरान जब्त किये गए जलपोतों को भी छोड़ना चाहिए | श्रीलंका की सरकार को मछुआरों से सम्बंधित समस्याओं को रोजी – रोटी के विषय के रूप में देखना चाहिए और इस समस्या को हल करते समय गंभीर एवं लचीला रुख अपनाना चाहिए और सकारात्मक कदम उठाने चाहिए |

श्रीलंका में चीन की उपस्थिति और आधारभूत संरचना एवं रक्षा क्षेत्र में निवेश भारत के लिए निश्चित रूप से एक चिंता का विषय है | इसने श्रीलंका के नागरिकों में आपसी विश्वास और सामाजिक – आर्थिक क्षेत्र में संप्रभुता को लेकर एक भय का वातावरण बना दिया है | यदि किसी को लगता है कि चीन भारत का विकल्प बन सकता है, तो यह एकमात्र भ्रम है क्योंकि हमारी और श्रीलंका की भौगोलिक परिस्तिथियों में कोई बदलाव नही होने वाला है और दोनों राष्ट्रों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव समाप्त नहीं हो सकता |

श्रीलंकाई अर्थव्यवस्था के लिए पर्यटन उद्योग अत्यंत महत्वपूर्ण है | श्रीलंका ने पर्यटन क्षेत्र में वर्ष 2012 में लगभग 10 लाख से अधिक पर्यटकों को आकर्षित किया है और लगभग 1 अरब डॉलर विदेशी मुद्रा अर्जित की है | यह श्रीलंका के सामान्य होने के पश्चात् नियमित आर्थिक वृद्धि को दर्शाता है | श्रीलंका विश्व का सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थल बन सकता है, बशर्ते वहाँ स्थायी रूप से शांति बनी रहे | भारत और श्रीलंका को मिलाकर दोनों देशों में बौद्ध एवं हिन्दू तीर्थ स्थलों को पर्यटक स्थलों के रूप में विकसित किया जा सकता है | श्रीलंका में कई स्थल रामायण से जुड़े हुए हैं | श्रीलंका के संप्रदाय हिंदुत्व विरोधी नहीं हैं | श्रीलंका के मठो एवं मंदिरों में भारत के ही समान देवी – देवता हैं, जोकि परस्पर धार्मिक संबंधो का एक अनूठा उदाहरण है |

वर्तमान भारत में भारी जनादेश के साथ नरेन्द्र भाई मोदी के नेतृत्व में एक त्वरित निर्णयकारी सरकार है | भारत एवं श्रीलंका के संबंधों के सन्दर्भ में महत्वपूर्ण स्रजनात्मक कार्य संभव हैं | विवादित मुद्दों के सहजगम्य समाधान से भारत श्रीलंका में विकास कार्यों में अपनी सहभागिता बढ़ा सकेगा और आर्थिक निवेश के क्षेत्र में महत्वपूर्ण साझेदार बन सकता है |